प्रकाश की किन घटनाओं को प्रकाश के कण सिद्धांत और तरंग सिद्धांत के आधार पर समझाया जा सकता है?

  • A
    परावर्तन और अपवर्तन
  • B
    व्यतिकरण और विवर्तन
  • C
    प्रकाश-विद्युत प्रभाव और कॉम्पटन प्रभाव
  • D
    उपरोक्त सभी

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प्रकाशवैद्युत प्रभाव के प्रयोग तीन अलग-अलग धातु प्लेटों $p, q$ और $r$ का उपयोग करके किए जाते हैं,जिनके कार्य फलन (work functions) क्रमशः $\phi_p=2.0 \ eV, \phi_q=2.5 \ eV$ और $\phi_r=3.0 \ eV$ हैं। समान तीव्रता वाली $550 \ nm, 450 \ nm$ और $350 \ nm$ तरंग दैर्ध्य वाले प्रकाश पुंज से प्रत्येक प्लेट को प्रकाशित किया जाता है। इस प्रयोग के लिए सही $I-V$ ग्राफ कौन सा है?

कथन: यदि किसी आवेशित कण की गति बढ़ती है,तो उसका द्रव्यमान और आवेश दोनों बढ़ते हैं।
कारण: यदि $m_0$ विराम द्रव्यमान है और $m$ वेग $v$ पर द्रव्यमान है,तो $m = \frac{m_0}{\sqrt{1 - \frac{v^2}{c^2}}}$,जहाँ $c$ प्रकाश की गति है।

प्रकाश-विद्युत प्रभाव (photoelectric effect) में:
$A.$ प्रकाश-विद्युत धारा (photocurrent) आपतित विकिरण की तीव्रता के समानुपाती होती है।
$B.$ फोटोइलेक्ट्रॉन जिस अधिकतम गतिज ऊर्जा के साथ उत्सर्जित होते हैं,वह आपतित प्रकाश की तीव्रता पर निर्भर करती है।
$C.$ फोटोइलेक्ट्रॉन जिस अधिकतम गतिज ऊर्जा के साथ उत्सर्जित होते हैं,वह आपतित प्रकाश की आवृत्ति पर निर्भर करती है।
$D.$ फोटोइलेक्ट्रॉन के उत्सर्जन के लिए आपतित विकिरण की एक न्यूनतम देहली तीव्रता (threshold intensity) की आवश्यकता होती है।
$E.$ फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा आपतित प्रकाश की आवृत्ति से स्वतंत्र होती है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:

प्रकाश की द्वैत प्रकृति किसके द्वारा प्रदर्शित होती है?

कथन: धनात्मक किरणों का विशिष्ट आवेश स्थिर नहीं होता है।
कारण: आयनों का द्रव्यमान गति के साथ बदलता है।

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